
छत्तीसगढ़ के लोकजीवन में रचे-बसे धानमौरी गीतों की परंपरा और उनका सांस्कृतिक महत्व।
छत्तीसगढ़ की मिट्टी में जब हल की धार चलती है, तब वहाँ की स्त्रियाँ केवल खेती नहीं करतीं, वे गीतों के माध्यम से संस्कृति को जीवित रखती हैं। ऐसे ही लोकगीतों में सबसे प्रमुख है – धानमौरी।
धानमौरी केवल गीत नहीं है, यह छत्तीसगढ़ की लोकआत्मा का गान है। धान की फसल से जुड़ी ये धुनें श्रम और उत्सव के बीच का सेतु बनाती हैं। महिलाएं जब खेतों में काम करती हैं, तो ये गीत उनके थकान को ऊर्जा में बदल देते हैं। ये गीत पीढ़ी दर पीढ़ी मौखिक परंपरा से आगे बढ़े हैं और आज भी गाँवों में जीवित हैं।
dhanmauri.com का उद्देश्य इन्हीं अमूल्य गीतों को संरक्षित कर अगली पीढ़ी तक पहुँचाना है।